सुषमा स्वराज जी का जन्म सन 14 फरवरी 1952 को हरियाणा (तब पंजाब) राज्य की अम्बाला छावनी में हुआ। सुषमा जी के पिता का नाम हरदेव शर्मा और माता का नाम लक्ष्मी देवी था। सुषमा स्वराज विवाह पूर्व सुषमा शर्मा थीं।
सुषमा जी का व्यक्तिगत जीवन बहुत ही सादगीपूर्ण और साहसिक था। सुषमा दीदी एक प्रखर वक्ता के साथ-साथ एक सख्त प्रशासक, साहसिक और लोकप्रिय नेता थी। सुषमा जी की भाषण देने की कला हर किसी को बहुत प्रभावित करती थी, सुषमा जी जब भाषण देती थी तो ऐसा लगता था कि उनकी जुबान पर मान सरस्वती विराजमान हो। सुषमा जी हमेशा तथ्यों के साथ अपने भाषण देती थी। वो बहुत अच्छी तरह से धारा प्रवाह भाषण भी देती थी। आज भी उनके संसद में दिए गए भाषण लोकप्रिय हैं। जब वो बोलती थीं तो ऐसा लगता थी कि उन्हें देखते ही रहो और उनकी ओजस्वी वाणी को सुनते रहो। सुषमा जी हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी और कन्नड़ भाषा सहित और कई भाषाओँ में धारा प्रवाह भाषण देती थीं। अच्छे-अच्छे विद्वानों में संस्कृत में भाषण देने की हिम्मत नहीं होती है लेकिन सुषमा जी द्वारा संस्कृत में दिए गए भाषण भी बहुत लोकप्रिय हैं। सुषमा जी का सामाजिक और राजनैतिक जीवन बहुत लम्बा रहा है। इतने बड़े सार्वजनिक जीवन में सुषमा जी का किसी विवाद से नाता नहीं रहा यही बात उनके व्यक्तिगत जीवन को विशेष बनाती है। सुषमा स्वराज जी ने अपने जीवन में कई रिकॉर्ड बनाये। सुषमा जी भारत की प्रमुख महिला राजनेताओं में से एक थी जिन्होंने अपने राजनैतिक जीवन में कई आयाम स्थापित किये।